Suvendu Adhikari West Bengal CM: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया। 35 वर्षों तक वामपंथी शासन और 15 वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस के सत्ता काल के बाद पहली बार बंगाल की धरती पर भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता का परचम लहराया है. भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह देश की राजनीति का केंद्र बन गया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक पल को और भी विशेष बना दिया.

शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री मोदी के पास पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया. यह दृश्य भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण बन गया. सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात यह रही कि भाजपा ने इसे गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती रवींद्र जयंती के दिन आयोजित किया. यह सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति, अस्मिता और भावनाओं को सम्मान देने का एक बड़ा सांस्कृतिक संदेश भी माना जा रहा है. इससे पहले, शुक्रवार को कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया था. अमित शाह ने इस निर्णय की औपचारिक घोषणा की, और उसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था.
प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने दी बधाई
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है. भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देशभर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है. भाजपा समर्थकों के बीच इस मौके को “नए बंगाल की शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण पश्चिम बंगाल की जनता की आकांक्षाओं की जीत है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने हमेशा एक जमीनी नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है और लोगों की समस्याओं तथा उम्मीदों को नजदीक से समझा है. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास, सुशासन और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा. प्रधानमंत्री ने उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर को बंगाल की सांस्कृतिक चेतना और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के संगम का क्षण बताया. उन्होंने ‘पोचिशे बोइशाख’ के अवसर पर गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर को याद करते हुए कहा कि टैगोर केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के प्रतीक हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल ने देश को अनेक महान समाज सुधारक, चिंतक, साहित्यकार और राष्ट्रवादी नेता दिए हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी.
उन्होंने आगे कहा कि ‘सोनार बांग्ला’ केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की जनता के सपनों, उम्मीदों और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है. उनके मुताबिक राज्य अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की नई सोच साथ-साथ आगे बढ़ रही है. सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक असर डाल सकता है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार राज्य में विकास, रोजगार, उद्योग और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर किस तरह काम करती है.


























