इंडिगो में संकट गहराया: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। बीते दो दिनों में एयरलाइन ने 200 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं, जबकि कई उड़ानें घंटों की देरी से रवाना हुईं। मंगलवार को इंडिगो की हर 10 में से सिर्फ 3 उड़ानें ही समय पर उड़ान भर पाईं, जिससे देशभर के हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों को लंबी कतारों, बढ़ते इंतज़ार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा, जिससे नाराज़गी भी बढ़ गई।
एयरलाइन ने इस अव्यवस्था की वजह चालक दल की कमी को बताया है और अगले 48 घंटों के लिए अपने उड़ान कार्यक्रम में ‘संतुलित समायोजन’ लागू करने की घोषणा की है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को हस्तक्षेप करना पड़ा और उसने इंडिगो से तात्कालिक स्पष्टीकरण मांगा है।
उड़ान रद्दीकरण का सिलसिला तेज, यात्री बेहाल
पिछले कुछ दिनों से इंडिगो की संचालन क्षमता पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। दो दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट्स पर सुबह से लेकर देर रात तक यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की प्रतीक्षा में घंटों तक फंसना पड़ा, जबकि कई को बिना किसी स्पष्ट सूचना के रद्दीकरण की जानकारी मिली।

इंडिगो के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में कुल 1,232 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें से 755 उड़ानें सीधे तौर पर चालक दल की उपलब्धता और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) मानकों का पालन न कर पाने की वजह से प्रभावित हुईं। एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ओवरस्ट्रेस्ड क्रू शेड्यूल और अचानक अनुपस्थितियों ने परिचालन व्यवस्था को असंतुलित कर दिया है। क्रू की कमी के कारण कई विमानों को निर्धारित समय से पहले ही रोकना पड़ा। इससे कनेक्टिंग उड़ानों की श्रृंखला भी प्रभावित हुई और देरी का असर पूरे नेटवर्क में फैल गया। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी एयरलाइन के प्रति नाराज़गी जताई, कई ने वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें उचित सहायता या जानकारी नहीं मिली।
DGCA की सख्ती, एयरलाइन से विस्तृत जवाब तलब
लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच DGCA ने बुधवार को कहा कि उसने इस बड़े पैमाने पर हो रही देरी और रद्दीकरण की जांच शुरू कर दी है। नियामक प्राधिकरण ने इंडिगो से मौजूदा स्थिति के कारणों और सेवाओं को सामान्य करने की विस्तृत योजना पेश करने को कहा है। DGCA ने स्पष्ट किया है कि इंडिगो को अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ DGCA मुख्यालय में उपस्थित होना होगा और बताना होगा कि इस अव्यवस्था की जड़ में क्या कारण हैं, और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
प्राधिकरण यह भी जांच कर रहा है कि क्या एयरलाइन ने अपने क्रू प्रबंधन और उड़ान संचालन को समय रहते स्थिर करने में चूक की है। DGCA का कहना है कि वह एयरलाइन के साथ मिलकर ऐसे समाधान ढूंढने पर कार्य कर रहा है, जिनसे उड़ानों के रद्दीकरण को कम किया जा सके और यात्रियों को होने वाली असुविधा में कमी लाई जा सके। एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के इस संकट का असर आने वाले दिनों में भी दिख सकता है, क्योंकि क्रू उपलब्धता की समस्या को सुलझाने में समय लग सकता है। फिलहाल, यात्रियों की निगाहें एयरलाइन और DGCA के अगले कदमों पर टिकी हैं, क्योंकि हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं अब भी अधर में लटकी हुई हैं।