शीतकालीन सत्र आज से शुरू : संसद का शीतकालीन सत्र आज से आरंभ हो रहा है और पहले ही दिन लोकसभा की कार्यवाही कई अहम विधायी प्रस्तावों के साथ बेहद व्यस्त रहने वाली है। वित्त मंत्रालय की ओर से मणिपुर माल और सेवा कर दूसरा संशोधन विधेयक, 2025 सदन में विचार और पारित किए जाने के लिए पेश किया जाएगा। यह विधेयक मणिपुर माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन का मार्ग प्रशस्त करेगा। विधेयक पर चर्चा से पहले इस संबंध में जारी ऑर्डिनेन्स नंबर 2 को सदन में अस्वीकृत किया जाएगा, जिससे आगे की प्रक्रिया साफ हो जाएगी।
इसके साथ ही वित्त मंत्रालय दो और महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत करेगा। केन्द्रीय उत्पाद-शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (स्वास्थ्य सुरक्षा) विधेयक, 2025। दोनों विधेयक केंद्र सरकार के राजस्व ढांचे और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने के प्रयासों से संबंधित माने जा रहे हैं।

सत्र की शुरुआत को और महत्वपूर्ण बनाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच का विवरण लोकसभा में पेश करेंगी। ये अनुपूरक मांगें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वित्तीय प्रावधानों को मजबूती देने के लिए अहम भूमिका निभाती हैं और इन्हें लेकर सदन में गहन चर्चा की संभावना है।
आज के प्रश्नकाल में भी कई मंत्रालयों से जुड़े प्रमुख सवाल उठाए जाएंगे। महंगाई, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब तलब किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, कार्यसूची में कुछ अन्य विधायी कार्य भी शामिल हैं, जिन पर सत्र के दौरान चर्चा और निर्णय लिया जाएगा।
शीतकालीन सत्र को अक्सर बजट से पहले की रणनीतिक तैयारी का समय माना जाता है। ऐसे में पहले ही दिन राजस्व संबंधी तीन बड़े विधेयकों का पेश होना सरकार की प्राथमिकताओं की दिशा को स्पष्ट करता है। मणिपुर में जीएसटी ढांचे में सुधार से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और उत्पाद-शुल्क में संशोधन तक सत्र की शुरुआत एक व्यापक नीति एजेंडा को सामने लाती है।
संसद का यह सत्र कई आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर गंभीर विमर्श का मंच बनने जा रहा है, जिसमें आज का दिन नए विधायी कदमों की महत्वपूर्ण शुरुआत करेगा।