Wednesday, March 11, 2026
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उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026: इतिहास की विरासत, राजनीति की ताकत और विकास की नई उड़ान, सीएम योगी ने यूपी को बताया ‘विकास का ग्रोथ इंजन’.

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026: इतिहास की विरासत, राजनीति की ताकत और विकास की नई उड़ान, सीएम योगी ने यूपी को बताया 'विकास का ग्रोथ इंजन'.

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस 2026: पूरे प्रदेश में आज 24 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गौरव और भव्य आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। यह वही ऐतिहासिक दिन है जब 24 जनवरी 1950 को भारत के संविधान लागू होने से ठीक दो दिन पहले देश के सबसे बड़े राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश का औपचारिक गठन हुआ था। आज उत्तर प्रदेश न सिर्फ आबादी के लिहाज़ से बल्कि राजनीति, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका के कारण भी देश की दिशा तय करने वाला राज्य माना जाता है। इस बार उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर मनाया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता, राजनीतिक योगदान और विकास यात्रा को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। ब्रिटिश दौर से आज तक: उत्तर प्रदेश के गठन की ऐतिहासिक यात्रा उत्तर प्रदेश का इतिहास औपनिवेशिक भारत से गहराई से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1902 में अंग्रेज़ों ने इस क्षेत्र को यूनाइटेड प्रॉविंस ऑफ आगरा एंड अवध नाम दिया। यह प्रशासनिक इकाई आगे चलकर उत्तर भारत की राजनीतिक चेतना का केंद्र बनी। स्वतंत्रता संग्राम में काकोरी कांड, चंपारण आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन और असंख्य जनांदोलनों में इस क्षेत्र की भूमिका ऐतिहासिक रही। आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 को यूनाइटेड प्रॉविंस का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया। लंबे समय तक पहाड़ी क्षेत्र भी इसी राज्य का हिस्सा रहे, लेकिन भौगोलिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते वर्ष 2000 में उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा दिया गया। पहले उत्तरांचल कहलाने वाला यह क्षेत्र बाद में उत्तराखंड बना, जिसमें कुमाऊं और गढ़वाल मंडल शामिल हैं। देश की राजनीति की धुरी: उत्तर प्रदेश का निर्णायक रोल उत्तर प्रदेश को भारतीय राजनीति की प्रयोगशाला कहा जाता है। सबसे अधिक लोकसभा सीटें देने वाला यह राज्य केंद्र की सत्ता की दिशा तय करता रहा है। आज़ादी के बाद से लेकर अब तक देश के कई प्रधानमंत्री-जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-का राजनीतिक संबंध उत्तर प्रदेश से रहा है। 2026 में उत्तर प्रदेश डबल इंजन सरकार के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है, जहां केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है। बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर यूपी ने अपनी छवि बदली है। कभी ‘बीमारू राज्य’ कहे जाने वाला उत्तर प्रदेश अब विकास का ग्रोथ इंजन बनने का दावा कर रहा है। उत्तर प्रदेश दिवस 2026: संस्कृति, सम्मान और वैश्विक पहचान इस वर्ष का उत्तर प्रदेश दिवस केवल एक सरकारी आयोजन नहीं बल्कि जनोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, लोक कला, खानपान और ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) की भव्य झलक देखने को मिल रही है। ओडीओपी प्रदर्शनी इस आयोजन का मुख्य आकर्षण है, जो स्थानीय उद्योगों और कारीगरों की ताकत को दर्शाती है। खास बात यह है कि इस बार फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में भी यूपी दिवस मनाया जा रहा है, जिससे प्रवासी भारतीयों और विशेष रूप से यूपी मूल के लोगों को प्रदेश से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश दिवस-2026 पर प्रदेश की 5 विभूतियों को गौरव सम्मान दिया जाएगा। इनमें अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, शिक्षाविद् अलख पांडेय, कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम पंवार, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत सुश्री रश्मि आर्य और शिक्षा व अनुसंधान से जुड़े डॉ. सुधांशु सिंह शामिल हैं। ये सम्मान प्रदेश की बौद्धिक, वैज्ञानिक और सामाजिक ताकत का प्रतीक हैं। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बधाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को मेरी शुभकामनाएं। गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति की यह धरती भारत की विकास यात्रा में एक मजबूत आधार स्तंभ रही है। मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। मैं इस राज्य के मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।” ‘यूपी का सामर्थ्य काम आने वाला है’ पीएम मोदी ने भी उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “भारतीय संस्कृति और विरासत की समृद्धि में अमूल्य योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। डबल इंजन सरकार और विकास को समर्पित यहां के लोगों की सहभागिता से हमारे इस राज्य ने बीते नौ वर्षों में बीमारू से बेमिसाल प्रदेश बनने का सफर तय किया है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश की प्रगति को गतिशील बनाए रखने में उत्तर प्रदेश का सामर्थ्य बहुत काम आने वाला है।” ‘नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा यूपी’ गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की बधाई देते हुए एक पोस्ट में एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के सभी भाइयों-बहनों को प्रदेश के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। सनातन संस्कृति की अमूल्य विरासत से सिंचित, गंगा-यमुना की पावन और उर्वर भूमि उत्तर प्रदेश वह धरती है, जिसने राष्ट्र को संस्कृति, साधना, शक्ति और संकल्प के मार्ग पर सदैव अग्रसर किया है। आज डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश विकास और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश के सदैव प्रगति पथ पर अग्रसर रहने की कामना करता हूं।” ‘विकास का ग्रोथ इंजन बना यूपी’ वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस की बधाई दी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के मेरे प्रिय प्रवासी बहनों और भाइयों, विदेश में रहकर अपने परिश्रम, प्रतिभा और मूल्यों के माध्यम से आपने उत्तर प्रदेश और भारत का मान वैश्विक मंच पर बढ़ाया है। हमारी सरकार आपके अनुभव और ज्ञान को प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है… आप सभी को उत्तर प्रदेश दिवस की हृदय से बधाई और मंगलमय शुभकामनाएं। असीम संभावनाओं का हमारा प्रदेश आज संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू से भारत

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करेंगे..

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करेंगे

उत्तर प्रदेश, लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बसंतकुंज योजना में विकसित 65 एकड़ क्षेत्र में तैयार राष्ट्र प्रेरणा स्थल को 25 दिसंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य रूप से लोकार्पण किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्तियों का अनावरण भी करेंगे। राष्ट्र नायकों को समर्पित प्रेरणा स्थल राष्ट्र प्रेरणा स्थल को देश की तीन प्रमुख राष्ट्रवादी विभूतियों को समर्पित किया गया है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय अखंडता की नींव रखी, पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के जरिए भारतीय राजनीतिक चिंतन को नया आयाम दिया, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन, संवाद और राष्ट्रवाद को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ा। 65 एकड़ में फैले इस स्थल का लेआउट कमल के आकार में है और इसमें तीनों नेताओं की 65-65 फीट ऊँची प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं। परिसर में आधुनिक म्यूजियम, पांच गैलरियां और पांच कोर्टयार्ड हैं, जिनमें ऑडियो-विजुअल प्रदर्शनी और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से नागरिकों और छात्रों को राष्ट्र नायकों के जीवन और योगदान से जोड़ा जाएगा। लखनऊ को वैचारिक केंद्र बनाने की पहल विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थल केवल स्मारक नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक विरासत को संस्थागत रूप देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन इस पहल को राजनीतिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से और अधिक महत्व देता है।राष्ट्र प्रेरणा स्थल को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा का प्रतीक बताया जा रहा है। स्थल पर विकसित म्यूजियम और गैलरी के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय राजनीति की वैचारिक धारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के साथ तैयार स्थल सुरक्षा, पार्किंग और यातायात के सभी प्रबंध पूरी तरह से सुनिश्चित किए गए हैं। परिसर में डिजिटल और इंटरैक्टिव माध्यमों के साथ-साथ ऑडियो-वीजुअल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आगंतुकों को एक शिक्षाप्रेरक और जानकारीपूर्ण अनुभव मिलेगा।राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह स्थल उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में बीजेपी की वैचारिक पहचान को मजबूत करने का एक रणनीतिक कदम है। विशेषकर अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इसका उद्घाटन, राष्ट्रवाद और राजनीतिक स्मृति को जोड़ने वाला प्रतीकात्मक संदेश देता है। मुख्य बातें:- विशेषताएं:- कुल मिलाकर, 25 दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और वैचारिक घटना के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल स्मारक के रूप में बल्कि राजनीतिक विमर्श और राष्ट्रवादी चेतना के केंद्र के रूप में भी देश की राजनीति और लखनऊ की वैचारिक पहचान को नया आयाम देगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की उलटी गिनती शुरू, 14 दिसंबर को मिलेगा यूपी भाजपा को नया अध्यक्ष

लखनऊ। लखनऊ में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज है। लंबे समय से लंबित उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीखें आखिरकार तय हो गई हैं। पार्टी ने घोषणा की है कि अध्यक्ष पद के लिए 13 और 14 दिसंबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह चुनाव न केवल संगठनात्मक नेतृत्व को मजबूत करेगा बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की दिशा भी तय करेगा। पहले दिन नामांकन, दूसरे दिन मतदानइसी समयरेखा के आधार पर नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा। 13 दिसंबर को दोपहर एक से दो बजे के बीच नामांकन दाखिल होंगे, उसी दिन उनकी जांच और नाम वापसी भी होगी। यदि सिर्फ एक नामांकन होता है तो नेता निर्विरोध चुना जाएगा, अन्यथा 14 दिसंबर को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े करेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 14 दिसंबर को पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। लखनऊ में प्रदेशभर के सांसदों, विधायकों और प्रांतीय परिषद के करीब 400 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है, क्योंकि इन्हीं सदस्यों के वोट से प्रदेश अध्यक्ष चुना जाता है। ओबीसी कार्ड पर भाजपा का फोकस, 2027 से पहले नई सामाजिक समीकरणों की तलाश चुनाव से ठीक पहले सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा नए अध्यक्ष के सामाजिक समीकरण को लेकर है। माना जा रहा है कि भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत ओबीसी चेहरे पर दांव लगा सकती है। इस रणनीति को विपक्ष की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति की काट के रूप में भी देखा जा रहा है। संभावित दावेदारों की सूची ही इसकी झलक देती है, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, अमर पाल मौर्य, बीएल वर्मा, सांसद बाबूराम निषाद और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। दलित समुदाय से विनोद सोनकर, विद्यासागर सोनकर और जुगल किशोर के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि ऐसा चेहरा चुना जाएगा जो न केवल संगठन में स्वीकार्यता रखता हो बल्कि सरकार और संगठन के बीच संवाद को बेहतर कर सके। भूपेंद्र चौधरी की पीएम से मुलाकात ने बढ़ाई चर्चाएं इस बीच मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक गलियारों में नए कयास लगने लगे हैं। लोक सभा चुनाव 2024 में अपेक्षित प्रदर्शन न होने के बाद उन्होंने त्यागपत्र सौंपा था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया था। उनकी यह मुलाकात यह संकेत देती है कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और रणनीतिक है। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में इन दिनों कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। नए अध्यक्ष का चयन 2027 के चुनावी अभियान की दिशा और गति तय करेगा। आने वाले दो दिन संगठन की नब्ज और भविष्य के जनाधार पर बड़ा प्रभाव छोड़ेंगे।

सीतापुर में पत्रकार की गोली मारकर हत्या, पिता ने दिया राघवेंद्र को मुखाग्नि.

पत्रकार हत्या सीतापुर NEWS : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले पत्रकार हत्या सीतापुर NEWS : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शनिवार को पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी को दिन दहाड़े बीच रास्ते में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद परिवार की मांग थी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक हम दाह-संस्कार नहीं करेंगे।रविवार को पत्रकार का बरगदिया घाट पुल पर अंतिम संस्कार हुआ। राघवेंद्र बाजपेयी उनके पिता ने मुखाग्नि दी। घाट पर एडीएम नीतीश सिंह, विधायक शशांक त्रिवेदी व अन्य लोग मौजूद रहे। आपको बता दें कि राघवेंद्र बाजपेयी की दिनांक-08-03-2025 शनिवार को दोपहर लगभग 03:15 बजे अज्ञात बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। इसके बाद एम्बुलेंस से राघवेंद्र बाजपेयी को सीतापुर के जिला अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार के दिन परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन को सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गई।