दिल्ली में गुरुवार की सुबह दिसंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन लेकर आई। न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिसने पिछले कई दिनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को आगाह किया है कि तापमान और गिर सकता है तथा यह 4 डिग्री तक पहुंच सकता है। राजधानी में सुबह के वक्त हल्का कोहरा छाया रहा, जिसने सर्दी की तीक्ष्णता को और बढ़ा दिया। हवा की ठंडी परतें दोपहर तक तेज हुईं और धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल सकी। IMD का कहना है कि उत्तरी पंजाब में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली के मौसम पर भी असर डाल रहा है, जिसके कारण हवा की रफ्तार सुबह 5–10 किमी प्रति घंटा से बढ़कर दोपहर में 10–15 किमी प्रति घंटा तक चली गई।
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि शुक्रवार को आसमान स्पष्ट रहेगा, लेकिन सुबह हल्की धुंध जारी रह सकती है। हालांकि शनिवार से बुधवार तक शीतलहर की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन तापमान में गिरावट बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े, दस्ताने और टोपी पहनना बेहद जरूरी है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए।
दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’, धुंध से घटती विजिबिलिटी, बढ़ती सांस की दिक्कतें
जहाँ एक ओर दिल्ली ठंड से कांप रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी की हवा लगातार विषैली हो रही है। गुरुवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 304 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। धुंध और हल्के कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी भी काफी कम रही। धुंध के कण प्रदूषण के साथ मिलकर हवा में घनी परत बना रहे हैं, जिससे लोगों को आँखों में जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी और गले में खराश जैसे लक्षण बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह या देर रात बाहर निकलने से बचें और जरूरत हो तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

दिल्ली वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हवा में सुधार की कोई संभावना नहीं दिख रही। हवा की दिशा और रफ्तार दोनों ही प्रदूषकों को फैलाने में मदद कर रही हैं, जिसके कारण AQI लगातार ‘बेहद खराब’ स्तर पर बना रह सकता है।
गुरुवार दोपहर हल्का सुधार दिखा, लेकिन जैसे-जैसे दिन ढला, प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया। पिछले एक सप्ताह में दिल्ली का AQI लगातार उथल-पुथल में रहा है, कभी 279 पर तो अगले ही दिन 372 तक पहुंच गया। यह अस्थिरता साफ संकेत देती है कि राजधानी की हवा गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है।
दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा दोषी 13.7% योगदान परिवहन क्षेत्र का
दिल्ली के प्रदूषण पर नजर रखने वाले निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, गुरुवार को राजधानी के कुल प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 13.7% दर्ज किया गया। यह स्थानीय प्रदूषण स्रोतों में सबसे ज्यादा है। सीपीसीबी के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 ने गुरुवार को ‘बेहद खराब’ एयर क्वालिटी दर्ज की। नेहरू नगर में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक रही, जहां AQI 362 पहुंच गया।
प्रदूषण विशेषज्ञों के मुताबिक वाहन उत्सर्जन, निर्माण सामग्री से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और मौसमीय परिस्थितियाँ मिलकर एक खतरनाक संयोजन बना रही हैं। ठंडी हवा प्रदूषकों को सतह के पास रोक देती है, जिसके कारण स्मॉग का असर और घना दिखाई देता है।
दिल्ली सरकार और केंद्रीय एजेंसियों ने जनता को जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है, कम यात्रा करें, कारपूल करें, बाहर गतिविधियाँ सीमित रखें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।