दिल्ली-एनसीआर में हल्की हवा से थोड़ा सुधार, लेकिन एक्यूआई लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर पर

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की सांसें थाम दी हैं। सोमवार सुबह हल्की हवा चलने से थोड़ी राहत जरूर महसूस की गई, लेकिन समग्र हालात अब भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। इसका सीधा असर न केवल सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ रहा है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति भी इस जहरीली हवा की चपेट में आ सकते हैं। एनसीआर के शहरों में प्रदूषण चरम पर ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 292 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। नॉलेज पार्क-III में 261 और नॉलेज पार्क-V में 323 रिकॉर्ड किया गया, जो हवा की गुणवत्ता में बड़े उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। स्वास्थ्य प्रभाव सूचना में साफ चेतावनी दी गई है कि ऐसी हवा लंबे समय तक श्वसन तंत्र पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।गाजियाबाद में भी स्थिति अलग नहीं रही। इंदिरापुरम में 284, संजय नगर में 273, वसुंधरा में 276 और लोनी में 360 का एयूआई दर्ज किया गया—लोनी का स्तर सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में जाता है, जहां हवा में मौजूद कण मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक खतरनाक माने जाते हैं।नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर डरा देने वाला रहा। सेक्टर-125 में 355, सेक्टर-1 में 320 और सेक्टर-116 में 332 का एक्यूआई दर्ज हुआ, जो स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। दिल्ली की हवा लगातार ‘बहुत खराब’, विशेषज्ञों की चेतावनी राजधानी दिल्ली में पूसा, आरके पुरम, रोहिणी, शादीपुर और वजीरपुर जैसे प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 320 से 345 के बीच रिकॉर्ड किया गया। ये स्तर उन स्थितियों को दर्शाते हैं जिसमें सांस लेना भी शरीर के लिए बोझ बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।इधर मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहेगा। अधिकतम तापमान 26 डिग्री से गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक आने की संभावना है, जिससे दिन में भी ठंड का असर बढ़ सकता है। हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण में थोड़ी कमी की उम्मीद है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि अगले कुछ दिनों तक एक्यूआई में बड़े सुधार की संभावना फिलहाल कम है। इसी बीच डॉक्टरों ने लोगों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है—बाहर निकलते समय मास्क पहनें, सुबह की वॉक और आउटडोर एक्सरसाइज से बचें, घर में एयर फिल्टर का प्रयोग करें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर की हवा लोगों को सतर्क रहने का स्पष्ट संदेश दे रही है कि राहत अभी दूर है।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, पहले ही दिन SIR पर विपक्ष कर सकता है हंगामा..

शीतकालीन सत्र आज से शुरू : संसद का शीतकालीन सत्र आज से आरंभ हो रहा है और पहले ही दिन लोकसभा की कार्यवाही कई अहम विधायी प्रस्तावों के साथ बेहद व्यस्त रहने वाली है। वित्त मंत्रालय की ओर से मणिपुर माल और सेवा कर दूसरा संशोधन विधेयक, 2025 सदन में विचार और पारित किए जाने के लिए पेश किया जाएगा। यह विधेयक मणिपुर माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन का मार्ग प्रशस्त करेगा। विधेयक पर चर्चा से पहले इस संबंध में जारी ऑर्डिनेन्स नंबर 2 को सदन में अस्वीकृत किया जाएगा, जिससे आगे की प्रक्रिया साफ हो जाएगी। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय दो और महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत करेगा। केन्द्रीय उत्पाद-शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (स्वास्थ्य सुरक्षा) विधेयक, 2025। दोनों विधेयक केंद्र सरकार के राजस्व ढांचे और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने के प्रयासों से संबंधित माने जा रहे हैं। सत्र की शुरुआत को और महत्वपूर्ण बनाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच का विवरण लोकसभा में पेश करेंगी। ये अनुपूरक मांगें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वित्तीय प्रावधानों को मजबूती देने के लिए अहम भूमिका निभाती हैं और इन्हें लेकर सदन में गहन चर्चा की संभावना है। आज के प्रश्नकाल में भी कई मंत्रालयों से जुड़े प्रमुख सवाल उठाए जाएंगे। महंगाई, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब तलब किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, कार्यसूची में कुछ अन्य विधायी कार्य भी शामिल हैं, जिन पर सत्र के दौरान चर्चा और निर्णय लिया जाएगा। शीतकालीन सत्र को अक्सर बजट से पहले की रणनीतिक तैयारी का समय माना जाता है। ऐसे में पहले ही दिन राजस्व संबंधी तीन बड़े विधेयकों का पेश होना सरकार की प्राथमिकताओं की दिशा को स्पष्ट करता है। मणिपुर में जीएसटी ढांचे में सुधार से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और उत्पाद-शुल्क में संशोधन तक सत्र की शुरुआत एक व्यापक नीति एजेंडा को सामने लाती है। संसद का यह सत्र कई आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर गंभीर विमर्श का मंच बनने जा रहा है, जिसमें आज का दिन नए विधायी कदमों की महत्वपूर्ण शुरुआत करेगा।