भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सागर बंधु’, पीएम मोदी ने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका के प्रति जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात दितवाह से प्रभावित श्रीलंका के लोगों के प्रति गहरी चिंता और संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मदद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मानवीय स्थिति पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास प्रयासों को समर्थन देना है। इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने अपने प्रमुख युद्धपोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि को तैनात किया है, जो कोलंबो पहुंच चुके हैं और आवश्यक राहत सामग्री लेकर गए हैं। इन आपूर्तियों में खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, अस्थायी शरण सामग्री और अन्य आपातकालीन सहायता उपकरण शामिल हैं, जिनका उपयोग प्रभावित समुदायों की मदद के लिए किया जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत की यह सहायता पड़ोसी सहयोग की भावना और जरूरत के समय साझेदार देशों के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि दोनों नौसैनिक जहाज़ों द्वारा पहुंचाई गई राहत सामग्री सरकार की ‘सागर’ क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास, दृष्टि के तहत भारत की तेज और व्यापक प्रतिक्रिया को दिखाती है। चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका के कई तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आवश्यक सेवाएँ बाधित हुई हैं और कई परिवार विस्थापित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने और बचाव कार्यों को तेज करने में जुटा है। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के साथ, भारत ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में अपनी भूमिका को सुदृढ़ किया है, और मुश्किल समय में अपने करीबी पड़ोसी को समयबद्ध मानवीय सहायता प्रदान की है।